उत्तर प्रदेशकानपुर

गंगा के उफान से कानपुर में बढ़ी टेंशन! 2.91 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, घाटों पर निगरानी तेज

कानपुर बैराज पर गंगा का अपस्ट्रीम जलस्तर 113.570 और डाउनस्ट्रीम 113.420 मीटर दर्ज; चेतावनी स्तर 114 मीटर, संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई, पुलिस कमिश्नर ने लिया जायजा

KANPUR NEWS: कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। 19 अगस्त की सुबह 8 बजे दर्ज आंकड़ों के अनुसार कानपुर बैराज पर गंगा का अपस्ट्रीम जलस्तर 113.570 मीटर और डाउनस्ट्रीम जलस्तर 113.420 मीटर दर्ज किया गया। बैराज से 2 लाख 91 हजार 413 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।

पुलिस कमिश्नर ने नाव से लिया घाटों का जायजा

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कानपुर पुलिस कमिश्नर ने नाव के जरिए नदी और घाटों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जलस्तर की स्थिति के साथ घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

कानपुर बैराज पर गंगा का मौजूदा जलस्तर भले ही चेतावनी सीमा से नीचे है, लेकिन पानी के लगातार प्रवाह को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रख रहा है। बैराज पर चेतावनी स्तर 114 मीटर निर्धारित है, जबकि 115 मीटर पर खतरे का स्तर माना जाता है। फिलहाल अपस्ट्रीम जलस्तर 113.570 और डाउनस्ट्रीम 113.420 मीटर है।


शुक्लागंज में भी नदी के जलस्तर पर नजर

शुक्लागंज में भी गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां नदी का जलस्तर 112.180 मीटर दर्ज किया गया है। शुक्लागंज में चेतावनी स्तर 113 मीटर और खतरे का स्तर 114 मीटर निर्धारित है। प्रशासन की ओर से नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से नदी या घाटों के आसपास न जाने की सलाह दी जा रही है।

हरिद्वार और नरौरा बैराज से भी छोड़ा जा रहा पानी

गंगा में बढ़ते जल प्रवाह के बीच हरिद्वार और नरौरा बैराज से भी पानी छोड़ा जा रहा है। हरिद्वार बैराज से 1 लाख 18 हजार 622 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1 लाख 15 हजार 137 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया है। प्रशासन इन दोनों बैराजों से छोड़े जा रहे पानी की स्थिति पर भी नजर बनाए हुए है, ताकि कानपुर में जलस्तर में होने वाले संभावित बदलाव का समय रहते आकलन किया जा सके।


संवेदनशील इलाकों में पुलिस की निगरानी बढ़ी

गंगा किनारे बसे संवेदनशील और निचले इलाकों में पुलिस और प्रशासन की टीमों को सक्रिय किया गया है। घाटों के साथ-साथ नदी के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों की टीमें लगातार मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही हैं और जलस्तर में होने वाले बदलाव की जानकारी जुटा रही हैं।

राहत और बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश

संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव व्यवस्था को भी तैयार रखने का दावा किया है। अधिकारियों के मुताबिक किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए टीमें तैयार हैं। नदी किनारे रहने वाले लोगों से भी लगातार सतर्क रहने की अपील की जा रही है।


जलस्तर बढ़ा तो बढ़ सकती है चुनौती

फिलहाल कानपुर बैराज पर गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर से नीचे है, लेकिन पानी का डिस्चार्ज लगातार जारी है। ऐसे में आने वाले समय में जलस्तर में होने वाले बदलाव पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। पुलिस और प्रशासनिक टीमें अलर्ट पर हैं, ताकि पानी बढ़ने की स्थिति में तत्काल जरूरी कदम उठाए जा सकें।

प्रशासन की हर अपडेट पर नजर

कानपुर में फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन गंगा के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है। बैराज से छोड़े जा रहे पानी, नदी के जलस्तर और संवेदनशील इलाकों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हालात के अनुसार आगे जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

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